राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2023 | National Population Register in Hindi

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register) देश के स्वभाविक निवासियों की समग्र पहचान का एक डेटाबेस है। यानि एनपीआर देश की सभी स्थानीय निवासियों का ब्यौरा है। देश में जितने भी लोग रहते हैं, चाहे वह इस देश के नागरिक हैं या विदेशी है और यहां आकर रहते हैं उसकी गणना करके जब रजिस्टर में एंट्री की जाती है तो उसे हम नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) कहते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NPR को अपडेट करने की मंजूरी दे दी है।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर

सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत कुछ नए सवाल भी जोड़े गए हैं। आगे इस लेख में हम आपको राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है, इसके फायदे, उद्देश्य आदि से संबंधित सभी सवालों के जवाब देने वाले हैं। इसलिए कृपया इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है?

नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (NPR) सामान्य रूप से भारत में रहने वालों या Usual Residence का एक रजिस्टर है। इसे नागरिकता कानून 1955 और सिटीजनशिप रूल्स 2003 के प्रावधानों के तहत ग्राम पंचायत, तहसील, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है। एनपीआर में आम आदमी जो सूचना देंगे, उसी के आधार पर जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके लिए किसी से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पहली बार 2010 में तैयार किया गया था और 2015 में इसे अपडेट किया गया था। इस योजना में असम को बाहर रखा गया है।

सरकार अपनी योजनाओं को तैयार करने, धोखाधड़ी को रोकने और हर परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए एनपीआर का इस्तेमाल कर सकती है। यानी एनपीआर से मिली जानकारी का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं का लाभ देने में किया जा सकता है। देश में रहने वालों के लिए NPR में पंजीकरण कराना जरुरी है। अगर कोई बाहरी व्यक्ति देश के किसी हिस्से में 6 महीने से ज्यादा समय से रह रहा है तो उसका ब्यौरा भी एनपीआर में दर्ज होगा। 

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नेशनल पापुलेशन रजिस्टर का उद्देश्य

एनपीआर का मुख्य उद्देश्य भारत में रहने वाले प्रत्येक निवासी का एक डेटाबेस तैयार करना है। इस डेटाबेस / रजिस्टर में देश के निवासियों का जनसांख्यिकीय सूचना और उनका बायोमेट्रिक विवरण दर्ज होगा। इस प्रक्रिया के लिए देश के नागरिकों से उनके आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी आदि की जानकारी एकत्रित की जाएगी। इससे भारत सरकार और देश के नागरिकों के बीच पारदर्शिता आएगी। सरकार द्वारा एनपीआर से इकट्ठा की गई जानकारी का इस्तेमाल देश के नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भी किया जा सकेगा।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के फायदे

  • एनपीआर का उद्देश्य देश की हर स्थानीय निवासी की पहचान का संपूर्ण डेटाबेस तैयार करना है। 
  • सरकार द्वारा नेशनल पापुलेशन रजिस्टर का इस्तेमाल सही लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने में किया जा सकता है।
  • इन योजनाओं में बैंकिंग और बीमा सेवाओं से जुड़ी योजनाएं है।
  • खेती से जुड़ी योजनाओं में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। बीज, उर्वरक, कीटनाशक और खेती के लिए ऋण से जुड़ी योजनाएं इनमें शामिल है।
  • आयुष्मान भारत, जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना और सौभाग्य जैसी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए भी NPR की सूचनाओं का उपयोग किया गया था।
  • एनपीआर का इस्तेमाल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं में भी किया जा सकता है।
  • एनपीआर का इस्तेमाल स्कूल, कॉलेज, छात्रावास में दाखिला देने एवं छात्रवृत्ति देने में हो सकता है।
  • आपदा प्रबंधन के नजरिए से भी एनपीआर बेहद कारगर है।
  • इस प्रक्रिया से सरकार एवं देश के नागरिकों के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी।

एनपीआर और जनगणना में अंतर

जनगणना में केवल देश के नागरिक ही शामिल होते हैं, जबकि एनपीआर (NPR) के तहत यदि कोई बाहरी व्यक्ति देश के किसी हिस्से में 6 महीने से ज्यादा समय से रह रहा है तो उसका बेवरा भी दर्ज किया जाता है। एनपीआर में लोगों से मिली मौखिक सूचना को ही दर्ज किया जाता है। 

एनपीआर और एनआरसी में क्या अंतर है?

  • एनपीआर को जहां नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (National Population Register) कहा जाता है वहीं एनआरसी नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन्स कहलाता है।
  • एनआरसी (NRC) का संबंध नागरिकता से है और एनपीआर (NPR) का संबंध देश में रहने वाले लोगों की पहचान से है।
  • एनपीआर में किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होती है, जबकि एनआरसी में दस्तावेजों का परीक्षण किया जाता है।
  • एनआरसी में वैध नागरिकों की एक सूची जारी की जाती है, सूची में शामिल लोगों को ही देश का नागरिक माना जाता है।
  • NPR और NRC का एक दूसरे से कोई लेना देना नहीं है। दोनों एक दूसरे से भिन्न है।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अंतर्गत पूछे जाने वाले सवाल

एनपीआर के अंतर्गत देश के प्रत्येक निवासी से जनसांख्यिकीय विवरण लिया जायेगा। जिसके लिए व्यक्ति से निम्नलिखित सवाल पूछे जाएंगे। जो नीचे गई दी गई सूची में देख सकते हैं –

  • व्यक्ति का नाम
  • पिता का नाम
  • माता का नाम
  • जीवन साथी का नाम (विवाहित होने पर)
  • घर के मुखिया
  • वैवाहिक स्थिति
  • लिंग (Gender)
  • जन्मतिथि (Date Of Birth)
  • जन्म का स्थान
  • राष्ट्रीयता
  • स्थानीय निवास पता
  • निवास का वर्तमान पता
  • शैक्षणिक योग्यता
  • व्यवसाय / गतिविधि
  • वर्तमान पते पर रहने की अवधि
  • पिता और माता के जन्म का स्थान
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस नंबर
  • वोटर आईडी नंबर
  • मोबाइल नंबर
  • निवास का अंतिम स्थान

NPR Registration Form Download

यदि आप एनपीआर रजिस्ट्रेशन फॉर्म डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आप गृह मंत्री के तहत रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, भारत के आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। आप नीचे दी गई प्रक्रिया को का अनुसरण कर सकते है। विवरण निम्न है –

  • सबसे पहले आपको रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • अब होमपेज में दांई ओर आपको 2021 – Schedule के लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुल जाएगा। जिसमें आपको हिंदी और इंग्लिश में पीडीएफ फॉर्म डाउनलोड करने का लिंक दिखाई देगा। 
  • यहां आप अपनी सुविधा के अनुसार इंग्लिश या हिंदी के विकल्प पर क्लिक करके NPR Registration Form Pdf Download कर सकते हैं।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर से संबंधित कुछ प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1. NPR का फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर. NPR का फुल फॉर्म National Population Register (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) है।

प्रश्न 2. एनपीआर (NPR) क्या है?

उत्तर. एनपीआर यानी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर देश के निवासियों का एक डेटाबेस / रजिस्टर है। इसमें भारत में रहने वाले सभी निवासियों की जानकारी का ब्यौरा दर्ज होता है। जो सरकार के पास बिल्कुल सुरक्षित रखा जाता है। इसमें आम जनता से किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं मांगा जाता है, बस उनके मौखिक जानकारी को ही इकट्ठा किया जाता है।

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