प्रधानमंत्री जी-वन योजना 2022 | Pradhan Mantri Ji-Van Yojana, ministry, Launch Date, Benefit |

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Pradhan Mantri Ji-Van Yojana 2022: हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों और आर्थिक मामलों में सदस्यता करने वाले मंत्रिमंडलीय समिति ने देश में जैव ईंधन को बढ़ावा देने के लिए Pradhan Mantri Ji-Van Yojana 2022 की शुरुआत की है। इसका उदेश्य देश में जीवाश्म ईंधन की आयत निर्भरता को कम करना है, सरकार द्वारा इसे वर्ष 2022 के अंत तक 10% तक कम करने का लक्ष्य रखा है। 

Pradhan Mantri Ji-Van Yojana

सरकार द्वारा लगातार जैव ईंधनों के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, सरकार द्वारा 2022 के अंत तक पेट्रोलियम ईंधनों में 10% तक ऐथोनॉल का मिश्रण करना व 2030 तक पेट्रोल में 20% मिश्रण व डीजल 5% मिश्रण का लक्ष्य रखा है। यदि आप भी ‘जी-वन योजना’ (Pradhan Mantri Ji-Van Yojana) के बारे में और अधिक जानना चाहते है, तो इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े हमे पूरा विश्वास है कि आपके पास इससे संबधित जितने भी सवाल है, उन सभी का जवाब आपको इस आर्टिकल के अंत तक मिल ही जाएगा।

‘जी-वन योजना’ क्या है?

What is Pradhan Mantri Ji-Van Yojana?: ‘जी-वन योजना’ का मतलब होता है – जैव ईंधन – वातावरण अनुकूल फसल अवशेष निवारण योजना है। सरकार द्वारा इसके अनुरूप एक ऐसी बायो-इथेनॉल प्रोजेक्ट को आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दी है जो लिग्नोसेल्यूलॉज़िक बायोमास और भी कई सारे नए नए फीडस्टॉक का इस्तेमाल करके बायोगैस बनाने का काम करेगी।

अब आपके मन में सवाल आता होगा कि यह लिग्नोसेल्यूलॉज़िक बायोमास क्या है? तो हम आपको बता दे यह बायोमास सेल्यूलोज़ (Cellulose), हेमिसेल्यूलोज़ (Hemicelluloses) और लिग्निन (Lignin) से मिल कर बना होता है इसलिए इसका नाम लिग्नोसेल्यूलॉज़िक रखा गया है। पिछले पांच वर्षों की बात करे तो साल 2018-19 से 2023-24 के समय के लिए इस योजना के 1969.50 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी गई है।

इतने रुपए की बात करे तो यह जो 1969.50 करोड़ रुपए है उसमे से से 1800 करोड़ रुपए तो 12 वाणिज्यिक परियोजनाओं की सहायता और कुछ 150 करोड़ रुपए तो 10 प्रदर्शित परियोजनाओं और बाकी बचे 9.50 करोड़ रुपए उच्च प्रौद्योगिकी केन्द्र को ट्रेनिंग और रिसर्च फंड के तौर पर दिए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत चरणों के अनुसार सरकार अपनी आर्थिक सहायता देना चाहती है। जिसके बारे में हमने आपको नीचे विस्तार से बताया है।

पहले चरण में जो साल 2018 से शुरु होकर साल 2023 तक छह इथेनॉल परियोजना और पांच कार्यरत परियोजना में अपना आर्थिक समर्थन देने का प्रयास कर रही है। दूसरे चरण में भी पहले चरण के तर्ज पर छह और इथेनॉल परियोजना और पांच कार्यरत परियोजना में अपना आर्थिक समर्थन देने का प्रयास सरकार कर रही है। इस चरण की शुरुवात साल 2020 से हुई है और खत्म होने का वक्त इसका भी साल 2023 ही रखा गया है।

आर्टिकल का नाम Pradhan Mantri Ji-Van Yojana
किसकी योजना है।भारत केंद्र सरकार।
वेबसाइटPradhan Mantri Ji-Van Yojana
संबधित मंत्रालयपेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय।
आधिकारिक अधिसूचनायहां क्लिक करें।

Pradhan Mantri Ji-Van Yojana शुरु करने का उद्देश्य:

‘जी-वन योजना’ शुरु करने के पीछे का उद्देश्य कहीं है। इस योजना को शुरू करने के पीछे क्या क्या उद्देश्य हो सकते है, हमने नीचे सब पर प्रकाश डाला है। भारत सरकार की पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साल 2022 तक पेट्रोल में 10 परसेंट इथेनॉल के मिलान करने का लक्ष्य रखा हैं।

इथेनॉल की कीमत ज़्यादा रखने के साथ साथ और इथेनॉल खरीदने के प्रोसेस को आसान बनाने के बाद और सभी तरह से सरकारी प्रयास करने के बाद भी देश के पास साल 2018 में सिर्फ 150 करोड़ लीटर एथनॉल है. जो पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा दिए गए टारगेट को अभी तक अचीव नही कर पाया है। इसके लिए ही Pradhan Mantri Ji-Van Yojana शुरू करके इस टारगेट को अचीव किया जा सकता है।

ऊपर बताए गए गतिविधि की वजह से से ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा बायोमास और अन्य कचरों से दूसरी पीढ़ी का इथेनॉल बनाने की कोशिश की जा रही है  और हर संभावित तरीके को देखा जा रहा है। इसलिए इस योजना के तहत इथेनॉल मिक्स पेट्रोल कैंपेन के द्वारा जीवाश्म पेट्रोल की भारी कमी को पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई Pradhan Mantri Ji-Van Yojana का मुख्य उद्देश्य हमारे देश में दूसरी पीढ़ी की इथेनॉल को विकसित करना और इस क्षेत्र और राज्य में नए निवेश आकर्षित करने का पूरी जोड़ से प्रयास करना।

जी-वन योजना के लाभ

Pradhan Mantri Ji-Van Yojana शुरू करने के बाद की लाभ की बात करे तो वो हमने नीचे लिखा है आप उसे देख सकते है। इथेनॉल का देश में ही निर्माण करके हम देश को आत्म निर्भर बना रहे है। जिससे हमारी विदेशी मुद्रा भी बच पाती है। जैसे कि हम सबको ही पता है कि जैव ईंधन एक साफ एनर्जी का सोर्स है। इस प्रकार के ईंधन को हम कितना भी इस्तेमाल करे इसका हमारे वातावरण पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

खेत में बचे अवशेषों के इस्तेमाल से किसानों को भी काफ़ी फ़ायदा होगा उन अवशेषों को बेच कर किसानों की आमदनी में भी वृद्धि हो सकती है। Pradhan Mantri Ji-Van Yojana (जी-वन योजना) को शुरू करने के बाद हमारे देश को दूसरे देश से ईंधन खरीदने की जरुरत नही होगी। इस प्रकार से ईंधन बनने की प्रक्रिया में किसी को भी किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है।

Pradhan Mantri Ji-Van Yojana की शुरुवात कब हुई ?

भारत सरकार ने इथेनॉल मिक्स पेट्रोल कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2003 में लागू कर दी थी। जिसके अनुसार पेट्रोल में इथेनॉल को मिक्स करके पर्यावरण को ईंधन जैसे फ्यूल से होनें वाले नुकसान से बचाने और किसानों को भी उनके फसल के बाद बच रहे, सामान और कुछ पैसा कमाने और कच्चे तेल के इंपोर्ट को कम करने की कोशिश के लिए शुरू किया गया था। जिससे हमारे देश में मौजूद विदेशी मुद्रा भी बच सकती थी।

इस समय की बात करे हमारे देश के लगभग  21 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में इथेनॉल बेस्ट पेट्रोल से गाड़ी को चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत तेल डिस्ट्रीब्यूट करने वाली किसी भी कंपनी के लिए पेट्रोल में 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाना अनिवार्य हो चूका है अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

आज के समय में प्रधानमंत्री द्वारा बनाई गई नीति के तहत पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री के अलावा मोलासिस और नॉन फीड स्‍टाक उत्पादों जैसे सेल्यूलोज़ और लिग्नोसेल्यूलोज़ जैसे पदार्थों में भी इथेनॉल मिलाने की मंजूरी दे दी गई और ऐसा करना अनिवार्य बना दिया गया है।

निष्कर्ष

हमने इस आर्टिकल में Pradhan Mantri Ji-Van Yojana के बारे में विस्तार से बताया है। हमने इस योजना से जुड़ी हुई सभी जानकारी देने का पूरा प्रयास किया है। यदि आपके पास इससे संबधित कोई सवाल है, तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है, हम आपके सवाल का जबाब देने का प्रयत्न करेंगे।

प्रश्न – Pradhan Mantri Ji-Van Yojana क्या है?

उत्तर – प्रधानमंत्री जी-वन योजना केंद्र की ईंधन से संबधित योजना है, सरकार का इस योजना को शुरू करने के पीछे का उदेश्य ईंधन आयत की निर्भरता को कम करना है। सरकार द्वारा इस योजना के तहत पेट्रोल या डीजल जैसी ईंधनों में इथेनॉल को मिक्स करने के चरणवार लक्ष्य रखे है।

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