मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना उत्तराखंड 2022 | Ghasiyari kalyan yojana (mgky) Registration, Benefit

Ghasiyari kalyan yojana | मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना | महिला कल्याण के लिए Uttarakhand state सरकारी योजना | Ghasiyari kalyan yojana official website 2021-2022 |

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना 2022: उत्तराखंड सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण व उन्हें लाभान्वित करने के लिए Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand (घसियारी कल्याण योजना उत्तराखंड) 2022 को शुरू किया है। पहाड़ का जीवन बड़ा ही संघर्षपूर्ण होता है। पहाड़ की इस जटिल परिस्थितियों के बीच महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहाड़ की महिलाओं को घर पर खाना बनाने के अलावा खेती व पशुपालन संबधी अन्य कार्यों में भी पुरुषो के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर बराबर या उससे भी अधिक योगदान देती है।

Ghasiyari kalyan yojana

पहाड़ी महिलाएं इन्ही सब परेशानियों के बीच रोज दूर पहाड़ी पर घास लेने के लिए जाती है। जिसमें इन्हे कहीं परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं की इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखकर उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड घसियारी कल्याण योजना 2022 को शुरू किया है। इस योजना में पंजीकरण करवाने के बाद पशुओ को पौष्टिक चारा/आहार उपलब्ध किया जायेगा। इस योजना के लिए कैसे पात्र होंगे, इसके लाभ क्या है?

अपनी सरकार पोर्टल उत्तराखंड

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana 2021-2022

उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा कहीं योजनाओ को शुरू किया है, उनमे से एक प्रमुख योजना जिसे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह द्वारा मुख्यमंत्री (घसियारी कल्याण योजना) द्वारा शुभारंभ किया गया था। उत्तराखंड सरकार द्वारा बहुत कम मूल्य दर में पशुओं के लिए चारा उपलब्ध करवाया जाता है। उत्तराखंड की महिलाओं को दूर पहाड़ी में घास काटने के लिए जाना पड़ता है। सरकार ने इस समस्या को देखकर मुख्यमंत्री घसियारी योजना को शुरू किया है। घसियारी उत्तराखंड में पहाड़ी भाषा में घास काटने वाली महिला को कहा जाता है। इसीलिए इस योजना का नाम घसियारी योजना रखा गया है।

जंगल से लाया जाना वाला घास ज्यादा पोष्टिक नहीं होता है। लेकिन सरकार द्वारा इस योजना के तहत उपलब्ध करवाया जाने वाला चारा संतुलित होगा। पशुओ को चारे में सभी तरह के तत्वों का विशेष ध्यान रखा जायेगा। जिससे दुधारू पशुओं में दूध की उत्पादकता बढ़ेगी, इसके साथ साथ महिलाओं को घास लेन में होने वाली समस्या भी समाप्त हो जाएगी।

Mukhyamantri Ghasyari Kalyan Yojana (mgk scheme) Overview – 2022

योजना का नाममुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना
किस राज्य से संबधित है। उत्तराखंड सरकार
लाभार्थी कौन है।उत्तराखंड के नागरिक
योजना का उद्देश्यपौष्टिक पशु आहार उपलब्ध कराना।
आधिकारिक वेबसाइटhttps://uk.gov.in/
साल2021-2022
राज्यउत्तराखंड
आवेदन का प्रकारऑनलाइन/ऑफलाइन

घसियारी का अर्थ क्या है?

घसियारी पहाड़ी बोली का शब्द है। घास काटने वाली महिला को घसियारी कहा जाता है। उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति बहुत ही जटिल है। महिलाये दूर दूर पहाड़ो तक जाकर काटती है। काटने के बाद उसे सिर पर उठाकर लती है।

उत्तराखंड रोजगार पंजीकरण

घसियारी योजना 2022

दोस्तों आप जानते ही होंगे कि उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है। इसके केवल दो जिलों हरिद्वार व उधम सिंह नगर को छोड़कर अन्य सभी पहाड़ी इलाका है। राज्य की ज्यादातर आबादी कृषि कार्य पर निर्भर है। इसीलिए राज्य सरकार की योजना है की इस योजना से सीधे- सीधे 25 लाख परिवारों को जोड़ना है। उत्तराखंड डेयरी विभाग के एक आंकड़े के अनुसार उत्तराखंड में दुधारू पशुओं की संख्या लगभग 30 लाख है। इसमें से 10 लाख गायें व 19 लाख भैसें है।

उत्तराखंड की एक बहुत बड़ी आबादी पशुपालन पर निर्भर है। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां कृषि योग्य भूमि काफी कम है, यहां के खेत काफी छोटे- छोटे होते है, यह सीढ़ीनुमा आकर के होते है। खेती की जमीन कम होने के कारण पशुओ को खेत पर चारा उगाना संभव नहीं होता है। इसीलिए उन्हें दूर पहाड़ पर जाना ही एकमात्र रास्ता बचता है।

पहाड़ो का चारा बरसात के मौसम में तो हरा भरा एवं पौष्टिक मिल पता है लेकिन अन्य सीजन में यह सुख जाता है। जो पशुओ को बिलकुल भी पौष्टिक नहीं होता है। इसीलिए सरकार द्वारा इस योजना को लाया जा रहा है। योजना के तहत उत्तराखंड के मैदानी इलाको (उधम सिंह नगर व हरिद्वार के ग्रामीण इलाको में) में पौष्टिक चारा उगाया जायेगा। इन्हे मशीनों द्वारा काटकर बोरो में भरकर उत्तराखंड के विभिन्न इलाको के लिए सप्लाई किया जायेगा। इस योजना में सरकार द्वारा सब्सिडी भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

उत्तराखंड रोजगार पंजीकरण

घस्यारी कल्याण योजना उत्तराखंड के लाभ

पहाड़ी महिलाओं को होने वाली परेशानियों से हमने आपको बताया है। महिलाओं को होने वाली परेशानियों के साथ-साथ पशुओं को पौष्टिक चारा भी उपलब्ध होगा। योजना से होने वाले विभिन्न लाभ का विवरण निम्न है –

  • दुधारू पशुओं को पौष्टिक चारा सरकार की घस्यारी योजना के माध्यम से उपलब्ध करवाया जायेगा।
  • पौष्टिक चारा मिलने से राज्य में दुग्ध उत्पादन में काफी बृद्धि होगी। जिससे उत्तराखंड के ग्रामीण लोगो की आय में बृद्धि होगी। उनका जीवन खुशहाल होगा।
  • पशु आहार उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध करवाया जायेगा, जो लगभग 25 से 30 किलो के बेग होगा।
  • महिलाओं के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। उन्हें दूर पहाड़ से घास सिर पर उठाकर नहीं लाना पड़ेगा।
  • लोग अपने घरो पशु रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे। पशु रखने से बच्चो को पीने के लिए दूध मिलेगा।
  • दूध मिलने से बच्चो में होने वाली कुपोषण की बीमारियों से बचाव होगा।

घस्यारी कल्याण योजना (gksy scheme) के लिए पात्रता

  • घस्यारी योजना उत्तराखंड के निवासियों के लिए है, जिनके पास पशु है।
  • उत्तराखंड के पशुपालक जो यहां के मूल निवासी हो।
  • दुधारू पशु रखते हो।
उत्तराखंड भूलेख (देवभूमि)

घसियारी योजना हेतु आवश्यक दस्तावेज

यदि आप उत्तराखंड के मूल निवासी है, और घसियारी योजना के लिए यदि आप आवेदन करना चाहते है, तो आपके पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना आवश्यक है।

  • आधार कार्ड।
  • राशन कार्ड।
  • वोटर आई डी कार्ड।
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
  • बैंक खाता संख्या।

उत्तराखंड घसियारी कल्याण योजना आवेदन प्रकिया 2021-2022

घसियारी कल्याण योजना उत्तराखंड को हाल ही में शुरू किया गया है। इसके लिए एक अलग से पोर्टल से बनाया जायेगा। ऑनलाइन आवेदन की सम्पूर्ण प्रक्रिया के बारे में जैसे ही पोर्टल पर कोई नयी सूचना आती है, हम आपको सपूर्ण जानकारी स्टेप बाई स्टेप बताएँगे।

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना किस राज्य से संबधित है?

घसियारी कल्याण योजना (mgky) उत्तराखंड राज्य से संबधित है। जिसे राज्य सरकार द्वारा पशुपालको के कल्याण के लिए शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना उत्तराखंड की ऑफिसियल वेबसाइट क्या?

उत्तराखंड घसियारी कल्याण योजना व उत्तराखंड की अन्य योजनाओं से जुडी जानकारी आप उत्तराखंड शासन की आधिकारिक वेबसाइट uk.gov.in पर जाकर प्राप्त कर सकते है।

Leave a Comment

x
error: Content is protected !!