स्वयं सहायता समूह क्या है? Self help Group (SHG) – 2021

स्वयं सहायता समूह यानि shg (full form – self help group) कुछ समान आय वर्ग के लोगो का एक समूह (group) होता है। SHG किसी विशेष उदेश्य की पूर्ति के लिए आपसी सहायता के लिए निर्मित उन छोटे एवं स्वेछिक समूहों से है, जो अपनी सहायता खुद करते है।जैसा कि इसके नाम (स्वयं सहायता समूह) से भी पता चलता है। इस प्रकार के ग्रुप में 10 से 20 सदस्य स्वेछा से शामिल हो सकते है।

इसमें चयनित सभी सदस्य एक समान आय वर्ग के होते है। समूह में महिलाएं या bpl परिवार से संबधित लोगों को शामिल किया जाता है। इसमें सभी सदस्यों द्वारा मासिक आधार पर एक बराबर राशि तय की जाती है, जिसे पदाधिकारियों के पास जमा किया जाता है। उस बचत को जमा करने के लिए नजदीकी बैंक में एक बचत खाता खुलवाया जाता है। बचत खाते का संचालन समूह के पदाधिकारियों द्वारा किया जाता है।

समूह के किसी भी तीन सदस्यों को पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। जो समूह का संचालन करते है। किसी भी लेन देन का ब्यौरा रखते है। बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण भी लिया जाता है। इस आर्टिकल में हम nrlm shg के बारे में जानेंगे। कृपया पूरा आर्टिकल पढ़े।

Self help group (SHG) overview 2021

योजना का नाम स्वयं सहायता समूह। 
लोकेशन सम्पूर्ण भारत (ग्रामीण क्षेत्र)
योजना की शुरुआत 
आधिकारिक वेबसाइट https://nrlm.gov.in/

स्वयं सहायता समूह क्या है?

Self help group (shg) आपस में अपनापन रखने वाले एक समान अति सूक्ष्म व्यवसाय एवं उद्यम चलाने वाले गरीब लोगों का एक ऐसा समूह है, जो अपनी आमदनी से सुविधाजनक तरीके से कुछ बचत करते है। जमा इस छोटी-छोटी बचत को समूह के सम्मिलित फण्ड में शामिल करते रहते है, और उसे समूह के ही सदस्यों को उनकी जरुरत के हिसाब से (उत्पादक और उपभोग जरूरतों) समूह की शर्तो एवं तय ब्याज, अवधि पर दिए जाने के लिए आपस में सहमत होते है। यानि समूह के सदस्य अपनी आमदनी का कुछ हिस्सा प्रति माह समूह में जमा करते है। जमा राशि में से ही जरूरतमन्द सदस्य को समूह की शर्तो पर ऋण दिया जाता है।

प्रधानमंत्री का NRLM स्वयंसेवी महिलाओं के साथ संवाद। 

जुलाई 2018 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एप्प के द्वारा एक करोड़ से अधिक shg से जुडी महिलाओं से संवाद किया था। यदि कारण था कि SGH काफी चर्च में आ गया था। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देस्ग ने कृषि एवं डेयरी का विकास में महिलाओं का विशेष योगदान है। इनके बिना इसका इतना विकास करने के कल्पना भी नहीं की जा सकती है। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्री मोदी ने कहा था कि 2011 -2014 के दौरान देश में 50 लाख स्वयं सहायता समूह थे। जो 2018 में बढ़कर 20 लाख हो गए है। जिसमे कुल 2.25 से अधिक परिवारों को जोड़ा गया है। इस प्रकार उन्होंने इसके बारे में अन्य बाटे भी बताई थी। 

कोविड-19 महामारी में DAY-NRLM SHG की भूमिका।

कोविड महामारी के दौरान जहाँ लाखो करोड़ो लोगो के रोजगार चले गए। ऐसे समय में भारत में स्वयं सहायत समूहों (self help group) द्वारा बड़ा ही सराहनीय कार्य किया गया। स्वरोजगार से जुड़े इन ग्रुपस से कोविड के दौरान बड़ी भूमिका निभाई। जहां शहरों से लाखों की संख्या में पलायन हुआ, लोग बेरोजगार हुए, वहीं shg groups ने कोरोना से लड़ने के लिए मास्क बनाना सेनेटिज़ेर वितरण व अन्य ऐसे कार्यो में भाग लिया जो कोविड के दौरान कारगर साबित हुए। विश्व बैंक की वेबसाइट पर भी भारत के स्वयं सहायता समूहों के कोरोना काल के योगदान पर आर्टिकल लिखा गया। इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भी हमारे देश के shg ऐसे ही कार्य करते रहेंगे। 

shg समूह सदस्य को बैंक से दिए जाने वाले ऋण की शर्ते।

  • समूह कम से कम 6 माह से सक्रीय रूप से संचालित होना चाहिए। 
  • shg group के सदस्यों द्वारा समूह में निरंतर मासिक बचत अपने पास उपलब्ध संसाधनों से जमा की हो।
  • समूह द्वारा अपने पास जमा राशि से सदस्यों को ऋण दिया हो। 
  • खाते का पूरा लेखा जोखा रखा गया हो। किसी भी सदस्य को दिया गया ऋण या जमा की गयी मासिक बचत राशि को पूरा विवरण एक रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए। 
  • समय समय पर साप्ताहिक या मासिक आधार पर बैठक की जा रहे हो। जिसका विवरण मीटिंग रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए।
  • समूह में लोकतान्त्रिक तरीके से कार्य हो रहा हो। सभी सदस्यों की सहभागिता रही हो एवं सभी की बात भी सुनी जा रही हो। 
  • समूह का उदेश्य एक दूसरे की मदद करना व स्वरोजगार का होना चाहिए न कि बैंक से केवल ऋण लेने के लिए रहा हो। 
  • बैंक द्वारा ऋण देने के समय इन सभी बिंदुओं को बारीकी से देखा जाता है। बैंक अधिकारी / शाखा प्रबंधक इस बात से संतुष्ट हो कि समूह का उदेश्य वास्तविक स्वरोजगार व एक दूसरे की सहायता करना है। बैंक ऋण आवेदन फार्म पर एक रेटिंग टेबल होती है, उसमें उन्ही एक निश्चित नंबर प्राप्त होने पर ही ऋण के लिए पात्र होते है।
  • सभी सदस्य एक हित एवं पृष्टभूमि के होने चाहिए। यानि सभी सदस्य जो भी सूक्ष्म व्यवसाय कर रहे है उस ग्रुप में एक ही व्यवसाय से संबधित होने चाहिए। जैसे – दूध बचने का हो तो सभी उसी संबधित होने चाहिए। और यदि सिलाई का कार्य करते है तो सभी सिलाई का कार्य करते हो।
  • nrlm shg को बैंक द्वारा ऋण का मानक उनके जमा के अनुसार जमा का 1:1 के अनुपात से लेकर 1:4 तक हो सकता है। 

स्वयं सहायता समूह के मुख्य बिंदु।

  • समूह में अति गरीब व गरीब महिला या गरीबी रेखा से नीचे (bpl) परिवार की महिलाओं को इसमें शामिल किया जाता है।
  • समूह में शामिल होने वाली महिलाओं की उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शामिल सदस्य महिला को NRLM shg हेतु चिन्हित होना चाहिए। 
  • समूह के सदस्यों द्वारा प्रत्येक माह कुछ राशि जमा की जाती है। इसीलिए इसके लिए ऐसे सदस्यों का होना भी जरुरी है, जो समूह सदस्यों की सहमति से निर्धारित न्यूनतम राशि जमा करने में सक्षम होनी चाहिए। जिससे व मासिक अंशदान कर सके।
  • nrlm shg के लिए ऐसी महिलाओ को शामिल किया जायेगा, जो जरुरत पढ़ने पर सामूहिक कार्य करने के लिए इच्छुक हो।
  • शामिल महिला सदस्य को समय समय पर होने वाली समूह की बैठक में शामिल होने के लिए समय देना चाहिए।
  • समूह में 10 से 20 महिला सदस्य होनी चाहिए।
  • स्वयं सहायता समूह को दिया जाने वाला ऋण प्राथमिक श्रेणी में रखा गया है। बैंक nrlm project के तहत दिए गए ऋण को जब आगे रिपोर्ट करता है, तो आगे कॉलम में shg को दिया गया ऋण दर्शा देते है।

JSLPS Consultant Recruitment 2021, ऑनलाइन आवेदन।

समूह की नियमित बैठक।

  • सदस्यों को जमा हेतु साप्ताहिक बचत राशि निर्धारित करना। 
  • साप्ताहिक बैठक के लिए समय तय करना एवं कहा आयोजित होगी उकसे लिए स्थान का चुनाव भी करना। 
  • संगठन व सामूहिक कार्य करने के लिए पहल करना।
  • समूह द्वारा सामूहिक निर्णय लेना एवं उसके बाद उस पर अमल भी लाना।
  • पंचसूत्र के बारे में समूह सदस्यों को बताना।

समूह के संचालन हेतू नियुक्त पदाधिकारी।

nrlm group बनने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह रहता है, कि इसको चलाएगा कौन। यानि इसका संचालन कौन करेगा। इसी कार्य को करने के लिए समूह सदस्यों में से तीन पदाधिकारियों का चयन किया जाता है। जिसमे अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष एवं सचिव होते है। 

अध्यक्ष का कार्य समूह का सञ्चालन करना होता है, सचिव का समूह के सभी कार्यो का लेखा रखना, कोषाध्यक्ष का कार्य पैसों से संबधित लेनदेन का हिसाब रखना कोषाध्यक्ष का होता है। इसके अलावा सरकार द्वारा प्रत्येक गांव के लिए एक nrlm sakhi का चयन भी किया जाता है। जिनका कार्य समूह का गठन करना, शुरुआत समय में गांव में जागरूकता कैंप लगाना आदि होता है।

shg से संबधित अधिक जानकारी के लिए आप सरकार की निम्न आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते है।

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया https://www.rbi.org.in/ 

NRLM आधिकारिक वेबसाइट – https://nrlm.gov.in

error: Content is protected !!