मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना | up krishak durghatna kalyan yojana Apply 2022

up krishak durghatna kalyan yojana: किसानों और उनके परिवार के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यूपी की योगी सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा किसानों को सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई-नई योजनाओं का लगतार क्रियान्वयन किया जा रहा है।  किसानों के हित में लागू इन्हीं योजनाओं में से एक है, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, जिसे यूपी सरकार द्वारा 21 जनवरी 2020 को शुरू किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत 14 सितंबर 2019 के बाद किसी भी दुर्घटना के शिकार होने पर शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने की स्थिति में सरकार द्वारा किसान या उनके परिवार को मुआवजे के रूप में एक निश्चित राशि प्रदान किया जाएगा। इस लेख में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना से संबंधित सारी जानकारी विस्तार से बताई जा रही है। यदि आप भी इस योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जानने के इच्छुक है तो हमारे लेख के साथ बने रहिए।

up krishak durghatna kalyan yojana 2022

यह यूपी सरकार द्वारा किसानों के कल्याण में जारी योजना है। इस योजना के तहत यदि किसी किसान (जिसकी स्वयं की भूमि हो या किसी अन्य भूमि पर मजदूरी के रूप में कार्यरत हो) की किसी भी दुर्घटना के तहत मृत्यु या शारीरिक क्षति होती है, तो किसान या उसपर आश्रित परिवार को अधिकतम ₹5 लाख तक आर्थिक मदद राशि सरकार द्वारा दिया जाएगा।

सरकार द्वारा इस योजना के तहत ख़र्च राशि ₹600 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है और 2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ प्रदान करने का लक्ष्य बनाया गया है।

 मुख्यमंत्री कृषक योजना के सरकारी लक्ष्य 

  •  किसानों के आर्थिक उत्थान को बढ़ावा।
  •  किसानों के विपरीत परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक सहायता दिलाना।
  •  परिवार पर आश्रित किसान की मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहयोग राशि उपलब्ध कराना।
  •  विकलांगता से पीड़ितो को सहायता राशि प्रदान करना।

कृषक दुर्घटना योजना के विशेष लाभ 

  •  सड़क दुर्घटना
  •  यात्रा के दौरान दुर्घटना
  •  वृक्ष गिरने पर दुर्घटना
  •  प्राकृतिक आपदा पर दुर्घटना
  • बिजली या गाज गिरने पर
  • बाढ़ से बहने की स्थिति में
  •  आग से जलने पर दुर्घटना
  •  मकान के नीचे दबने से दुर्घटना
  •  लूटपाट या मारपीट का शिकार
  •  जीव जंतु या सांप के काटने से मौत
  •  भूकंप  या भूस्खलन आने से
  • दंगा फसाद में क्षति
  • आतंकवादी हमला में क्षति

 मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के महत्वपूर्ण बिंदु

  •  इस योजना के तहत सभी प्रकार के आर्थिक रूप से कमजोर  किसान शामिल होंगे।
  •  2 करोड़ 28 लाख किसानों को लाभ प्रदान किया जाएगा।
  •  योजनाओं का क्रियान्वयन जिलाधीश द्वारा किया जाएगा।
  •  आवेदन के लिए सरकार द्वारा 45 दिन का समय और जिलाधीश द्वारा 45 दिन के अलावा एक माह का और समय दिया जाएगा।
  •  आवेदन चाहे तो ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकते है।
  • किसान के मृत्यु की स्थिति में आश्रित परिवार में माता-पिता, बेटा, बेटी, बहू और पोता पोती इस धनराशि को प्राप्त करने का अधिकार है।

 राशि जो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत मिलेगी 

  •  किसानों के मृत्यु की स्थिति में परिवार को ₹5 लाख
  •  दुर्घटना में दोनों हाथ-पैर जाने की स्थिति में ₹5 लाख
  •  दुर्घटना में दोनों आंखें खोने की स्थिति में ₹5 लाख
  • एक हाथ और एक पैर खोने पर ₹5 लाख
  •  60 प्रतिशत से ज्यादा शरीर क्षतिग्रस्त होने पर ₹5लाख
  • एक पैर और एक हाथ से केवल विकलांगता की स्थिति में  ₹2-3 लाख
  •  विकलांगता का प्रतिशत 25 से अधिक और 50 से कम होने की स्थिति में  ₹1-2 लाख

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए पात्रता

  •  आवेदक मूल रूप से किसान या किसान आश्रित परिवार का होना चाहिए।
  •  आवेदक को उत्तर प्रदेश में स्थायी निवास करता हो।
  •  आवेदक किसान की आयु कम से कम 18 वर्ष और ज्यादा से ज्यादा 70 वर्ष होनी चाहिए।
  •  दुर्घटना 14 सितंबर 2019 के बाद का होना चाहिए।
  •  किराए की भूमि पर खेती करने वाला किसान भी आवेदन का पात्र हैं।
  •  आवेदक किसान का आधार कार्ड, बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

  •  आवेदक किसान का आधार कार्ड।
  •  उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र।
  •  आधार कार्ड के साथ अन्य पहचान प्रमाण पत्र।
  • कृषि भूमि दस्तावेज या दूसरे के भूमि पर कार्य करने का शपथ पत्र।
  •  राशन कार्ड।
  •  आयु प्रमाण पत्र।
  • बैंक खाते का विवरण।
  •  दुर्घटना से ग्रसित स्व घोषणा पत्र।
  •  दो पासपोर्ट फोटो
  • मोबाइल नंबर

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना ऑनलाइन अप्लाई करने का प्रोसेस

इस योजना के तहत दो प्रकार से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को पूर्ण किया जा सकता है।

  • नजदीकी जन सेवा केंद्र में जाकर
  • घर बैठे सिटीजन पाउडर का उपयोग करके

नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन करने में आसानी होगी, लेकिन यदि सिटीजन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना चाहे तो निम्नानुसार चरणों को पालन करें –

  •  आवेदक को सबसे पहले उत्तर प्रदेश के ई-साथी पोर्टल http://esathi.up.gov.in पर जाना होगा।
  •  वेबसाइट के होम पेज खुलने के बाद नये यूज़र के रूप में नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण विकल्प को क्लिक करना होगा।
  •  इसके बाद किसान नागरिक आवेदन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के उपरांत ही आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण किया जा सकता है।
  •  पंजीकरण करके यूजरनेम और पासवर्ड को डालकर सबमिट करें।
  •  इसके बाद नया पेज खुलेगा, जिसमें कृषि विभाग की सेवा के अनुभाग में क्लिक करें। जिसके अंतर्गत मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को क्लिक करना है।
  • योजना का आवेदन फॉर्म आपके स्क्रीन पर खुल जाएगा।
  •  फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही और स्पष्ट रूप से भरनी होगी।
  •  जानकारी भरने के उपरांत दुर्घटना के इलाज से संबंधित मांगे गए सभी दस्तावेज के स्कैन कॉपी को अपलोड करके सबमिट करने का विकल्प चुने।
  •  आवेदक को मोबाइल नंबर पर पंजीकरण संख्या प्राप्त होगा।
  •  इस पंजीकरण संख्या का उपयोग करके पुनः लॉगिन करके आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया

  • किसान या उसके परिवार को जिला कलेक्टर के पास दुर्घटना से संबंधित सारे विवरण को दर्शाते हुए आवेदन पत्र देना होगा।
  • आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण के साथ दुर्घटना के इलाज से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा।
  • कलेक्टर द्वारा उस आवेदन को तहसील कार्यालय की ओर बढ़ाया जाएगा। तहसील कार्यालय के कर्मचारी द्वारा दस्तावेजों की जांच कर आवेदन का सत्यापन किया जायेगा।
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्रक्रिया में सम्पूर्ण जाँच की स्थिति सही पाये जाने पर आवेदक के खाते में योजना की धनराशि जमा करा दी जाएगी।
  • मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना से जुड़ी सारी जानकारी इस लेख में बताया गया है यदि लेख पसंद आया हो तो कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें। 

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