Mgnrega जॉब कार्ड लिस्ट, Registration, Status 2021-22

मनरेगा क्या है ? नरेगा गाइडलाइन्स इन हिंदी। मनरेगा योजना pdf 2021। नरेगा को मनरेगा नाम कब दिया गया ? Nrega kya hai, Mgnrega full form। दोस्तों आज हम नरेगा अथवा मनरेगा योजना के बारे में जानेंगे। यदि आप नरेगा के बारे में नहीं जानते है, केवल नाम ही सुना है, तो आपके दिमाग में यह सवाल जरूर आता होगा की हम बार बार यह शब्द समाचारो व अखबारों में देखते है, लेकिन यह नहीं जानते है कि आखिर नरेगा क्या है ? तो आइये इस आर्टिकल में हम नरेगा के बारे में विस्तार से जानते है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

नरेगा का पूरा नाम क्या है ?

आज जिसे हम मनरेगा नाम से जानते है, इसका नाम शुरूआती समय में नरेगा था। नरेगा का पूरा नाम (Nrega / Mgnrega Full Form) NREGA – National Rural Employment Guarantee Act 2005 है। 

नरेगा योजना की शुरुआत।

नरेगा एक्ट को 2005 में मनमोहन सिंह सरकार द्वारा लाया गया था। मनमोहन सरकार द्वारा इस कानून को दोनों सदनों में पास कराया गया था। लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी शुरुआत सर्वप्रथम 2 फरवारो 2006 में आंध्र प्रदेश राज्य के आनंदपुर जिले के बदलापल्ली गॉव से हुई थी। प्रतिवर्ष 2 फ़रवरी को प्रतिवर्ष मनरेगा दिवस मनाया जाता है। गुरुवार को मनरेगा वार के रूप में मनाया जाता है। 

इसे सरकार द्वारा चरण बद्ध तरीके से शुरू किया गया था। प्रथम चरण में कुल 200 जिलों में शुरू किया गया था। इसके बाद दूसरे चरण 1 अप्रैल 2007 से शुरू किया गया था। अब इसे 113 और जिलों में शुरू किया गया। इसी चरण में 15 मई 2007 को अन्य जिलों को भी इसमें शामिल किया गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2008 में तीसरा चरण शुरू किया था। अब पुरे देश के ग्रामीण क्षेत्र में इसे लागू कर दिया गया था।

पोस्ट ऑफिस बचत योजना। 

इसके माध्यम से देश भर में बड़े पैमाने में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। नरेगा विश्व की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना है, और प्रति वर्ष लाखों रोजगार उपलब्ध कराता है। इस योजना के 16 वर्ष पुरे हो चुके है। यह योजना आज भी लाखों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराती है। इसे हल के वर्षो में विश्व बैंक द्वारा भी सराहा गया था, एवं अपने मैगजीन में भी प्रकाशिक किया था। 

नरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम परिवर्तन।

नरेगा का नाम मनरेगा पंचायती राज के स्वर्ण जयंती के अवसर पर राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी के नाम पर 02 अक्टूबर 2009 परिवर्तित कर दिया गया था। NREGA में आगे केवल M लगा दिया गया था। जो अब महात्मा गाँधी राष्ट्रिय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA – Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) कहलाया। 

MGNREGA – Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act Overview 2021 

योजना का नाम। महात्मा गाँधी राष्ट्रिय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 
योजना की शुरुआत। 02 फ़रवरी 2006 
संबधित विभाग। ग्रामीण विकास विभाग 
आधिकारिक वेबसाइट। महात्मा गाँधी राष्ट्रिय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 
नरेगा से मनरेगा नाम कब बदला। 02 अक्टूबर 2009 
वर्तमान में कितने दिनों का रोजगार दिया जाता है। 150 दिन। 
मनरेगा में दैनिक मजदूरी क्या है ? 194 रुपये। 

मनरेगा का उद्देश्य क्या है ?

  • मनरेगा एक्ट में पर्यावरण की रक्षा के उदेश्य से भी बनाया गया है। 
  • भारत के ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सुरक्षा को बेहतर बनाना था। 
  • मनरेगा अधिनियम में महिला सशक्तिकरण विशेष ध्यान रखा गया है। 
  • पलायन ग्रामीण भारत एक गंभीर समस्या है, सरकार द्वारा इसे ध्यान में रखते हुए भी नरेगा योजना को लाया गया था। क्यूंकि यदि गांव में रोजगार के अवसर पैदा कर दिए जायेंगे तो एक बहुत बड़ी आबादी को पलायन होने से रोक सकते है। 
  • सामाजिक समानता सुनिश्चित करना : मनरेगा एक्ट में समाज के सभी वर्गों को सामान अवसर देने का प्रावधान किया गया है। (केवल महिलाओ को छोड़कर) जब सभी वर्गों को समान अवसर दिए जायेंगे, तो निचले तबके के लोगों में समान आय वर्ग में शामिल हो सकते है। जिससे सामाजिक समानता सुनिश्चित हो सकती है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना।

मनरेगा योजना के पात्रता व मनरेगा के मुख्य बिंदु। 

  • नरेगा अधिनियम 2005 में प्रत्येक ऐसे नागरिक को जो इसमें काम करने के लिए इच्छुक है, उन्हें mgnrega job card द्वारा एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गयी है।
  • कोई भी राज्य सरकार 100 दिन से अधिक रोजगार दे सकती है। लेकिन उसका खर्च संबधित राज्य सरकार को स्वम वहन करना पड़ेगा। 
  • मनरेगा एक्ट 2005 के द्वारा MGNREGA में केंद्र व राज्य की कुल हिस्सेदारी 90:10 का है। यानि यदि कुल 100 रुपये का खर्च आएगा तो उसमे से 90 रुपये केंद्र सरकार व 10 रुपये राज्य सरकार देगी। 
  • नरेगा में काम करने के लिए जो भी नागरिक इच्छुक है व साधारण रूप से इसके प्रारूप (फॉर्म 6) पर आवेदन करंगे। 
  • फार्म भरने के 15 दिनों के अंदर रोजगार दिया जायेगा। रोजगार नहीं मिलने पर राज्य सरकार को बेरोजगारी भत्ता देना होगा। 
  • रोजगार श्रमिक के घर से 5 किमी के अंदर ही दिया जायेगा। 5 किमी से अधिक दुरी होने पर 10 % अतिरिक्त मजदूरी दी जाएगी। 
  • जहां काम किया जा रहा है। वहां पर छाया, पीने का पानी उपलब्ध कराया जायेगा। घायल होने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, व इलाज निशुल्क किया जायेगा। यदि किसी श्रमिक के साथ छोटे बच्चे है, तो उनके लिए भी ये सभी सुविधाएं दी जाएगी।
  • महिला श्रमिक को प्रथम प्राथमिकता दी जायगी। मनरेगा अधिनियम में महिला सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। 
  • महिलाओ के लिए 33 % आरक्षण की व्यस्था की गयी है। 
  • मनरेगा में मशीनों को वर्जित किया गया है। व ठेकेदारी व्यस्था को भी मना किया गया है।
  • nrega scheme के तहत काम करने के लिए कोई स्किल की आवश्यकता नहीं है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति इसमें काम कर सकता है। 

मनरेगा योजना की उपलब्धिया। 

  • महात्मा गाँधी रोजगार योजना के अंतर्गत सम्पूर्ण भारत में शुरुआत 10 वर्षो में 3.14 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गए है। 
  • मनरेगा स्कीम के द्वारा देश में गरीबी को काफी हद तक कम करने में मदद मिली है। 
  • ग्रामीण भारत के पलायन में रोक लगी है। 
  • विश्व बैंक द्वारा भी इस योजना को 2015 में सराहा गया था।
  • यह विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक कार्यक्रम है।
  • मनरेगा योजना में एक अच्छी संख्या में महिलाओ के रोजगार उपलब्ध कराती है। 
  • सरकार न्यूनतम मजदूरी तय की गयी है। इससे गरीबो का शोषण कम हुआ है और न्यूनतम मजदूरी तय करना संभव हुआ है। 
  • 2018 के बाद से इसमें 18 से 30 वर्ष के लोगों की ज्यादा हिस्सदारी बड़ी है। इसका मुख्य कारण बेरोजगारी में बढ़ोतरी के संकेत हो सकते है।

FAQ

मनरेगा योजना को कब शुरू किया गया था?

सर्वप्रथम मनरेगा स्कीम को 2006 में शुरू किया गया था। उस समय इस योजना का नाम नरेगा था, जिसे बाद में 2 अक्टूबर 2009 को महात्मा गाँधी के नाम पर कर दिया गया। बर्तमान में इसका नाम मनरेगा है।

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